उज्जैन। आनलाईन उपस्थिति लगाने वाले शिक्षा विभाग में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जिला अधिकारियों के समक्ष बडी पोल सामने खुली है। कार्यालयों में कर्मचारियों की मनमानी का खुलासा हुआ है। जिला शिक्षाधिकारी महेन्द्र खत्री एवं डीपीसी अशोक त्रिपाठी ने इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए ग्रामीण एवं शहर विकासखंड स्त्रोत समन्वयक कार्यालयों के 18 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्णय लिया है।मंगलवार को पूर्वान्ह कार्यालय समय उपरांत डीईओ महेंद्र खत्री एवं डीपीसी अशोक त्रिपाठी के दल ने बीआरसी उज्जैन ग्रामीण एवं शहर के कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया । डीईओ ने बताया कि इस प्रकार से कार्यालयों का निरीक्षण आगामी दिवस में पूरे जिले में होगा । उन्होंने कहा कि सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय , बीआरसी कार्यालय, संकुल कार्यालय ग्रीष्मावकाश में पूर्ण रूप से संचालित मिले सभी कर्मचारी अपने नियत समय प्रातः 10 बजे कार्यालय में उपस्थित हो ओर 6 बजे बाद ही कार्यालय छोड़े । अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहे । इस अवसर पर गिरीश तिवारी एडीपीसी समग्र शिक्षा भी उपस्थित थे ऐसे थे हा ग्रामीण कार्यालय में केवल बीआरसी राजकुमार पाल उपस्थित मिले, जबकि उज्जैन ग्रामीण का 8 कर्मचारी एवं बीआरसी उज्जैन शहर विजय पगारे सहित उनके 9 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीईओ ने राजकुमार पाल को छोड़ अन्य सभी 18 कर्मचारियों का एक दिन वेतन काटने के आदेश संबंधितों को जारी किए हैं ।
जिला शिक्षाधिकारी एवं डीपीसी का आकस्मिक निरीक्षण ग्रामीण बीआरसी मिले, शहरी सहित 18 कर्मचारी नदारद18 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्णय